सक्ती के श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में 162वीं महाआरती संपन्न: पंडित राजकुमार शर्मा के सानिध्य में 51 दीपों से जगमगाया परिसर

हमारे शहर के प्रसिद्ध श्री सिद्ध हनुमान मंदिर सक्ती में आज शाम श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। अवसर था मंदिर में आयोजित भव्य 162वें महाआरती महोत्सव का, जो माता सिद्धिदात्री दरबार (सरवानी) के आदरणीय पंडित श्री राजकुमार शर्मा जी के गरिमामयी सानिध्य में अत्यंत भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
शाम को कार्यक्रम के नियत समय से पूर्व ही पंडित श्री राजकुमार शर्मा जी का आगमन हुआ। उन्होंने सबसे पहले मौलीश्वर महादेव के दर्शन किए और विधि-विधान से धूप-दीप जलाकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद जैसे ही महाआरती की शुभ घड़ी आई, पंडित जी हनुमान गेट पहुंचे, जहां उपस्थित बच्चों और बुजुर्गों ने गगनभेदी जयकारों और भव्य पुष्प वर्षा के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया।
वहां से पंडित जी को ससम्मान मंदिर परिसर के भीतर लाया गया, जहां श्री सिद्ध हनुमान मंदिर सक्ती के मुख्य पुजारी ओमप्रकाश वैष्णव जी ने अतिथि पंडित जी का तिलक लगाकर और चुन्नी भेंट कर पारंपरिक रूप से आदर-सत्कार किया। इसके पश्चात मंदिर के पट बंद हुए और बजरंगबली का अत्यंत अलौकिक व दिव्य श्रृंगार किया गया। इस दौरान मंच से कोंडके मौर्य ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी और व्यवस्थाओं से अवगत कराया।
जैसे ही भगवान के पट खुले, पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा और सभी भक्तों ने संकटमोचन के दिव्य दर्शनों का लाभ उठाया। इसके बाद मातृ शक्ति द्वारा पंच दीपक प्रज्वलित कर आरती की शुरुआत की गई। फिर आया वह ऐतिहासिक पल जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार था—51 दीपों से सजी महाआरती। जैसे ही मुख्य अतिथि पंडित राजकुमार शर्मा जी ने महाआरती शुरू की, पूरा श्री सिद्ध हनुमान मंदिर सक्ती परिसर दीपों के दिव्य प्रकाश से जगमगा उठा। इसके बाद सभी उपस्थित भक्तों ने भी आरती का पुण्य लाभ लिया।
आरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने एक स्वर में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा। कार्यक्रम के अंतिम चरण में पंडित जी ने हनुमान जी के चरणों में शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद पुजारी ओमप्रकाश जी ने उन्हें स्मृति चिह्न के रूप में श्री सिद्ध हनुमान जी की एक सुंदर छाया-छवि भेंट की।
इस पावन अवसर पर पंडित श्री राजकुमार शर्मा जी ने अपने आशीर्वचन सुनाए, जिससे भक्तगण भावविभोर हो गए। विदाई से पहले मंदिर परिसर में बने विशेष ‘सेल्फी जोन’ में श्रद्धालुओं ने अतिथि शर्मा जी के साथ सामूहिक तस्वीरें खिंचवाईं। अंत में सभी ने पंडित जी को आदर और सम्मान सहित विदा किया। इस तरह श्री सिद्ध हनुमान मंदिर सक्ती में यह 162वीं महाआरती एक अमिट याद बनकर भक्तों के दिलों में समा गई।
यूट्यूब लाईव:- गौरव यादव, योगेश देवांगन, आरुष देवांगन
संगीत एवं भजन:- पूनम तम्बोली, प्रीति, काजल, अवनी, गीतिका, निशा देवांगन, स्वप्निल चौबे
मंच संचालन:- कोडके मौर्य
संरक्षक:- चित्रंजय पटेल
फोटो ग्राफी:- अमित तम्बोली
आरती व्यवस्था:- रिंकू निर्मलकर
साउंड व्यवस्था:- सोनू देवांगन
प्रसाद वितरण:- महेंद्र गबेल
अन्य सेवा:- सुरेश देवांगन, पप्पू खर्रा, पप्पू गौ सेवक, संतोष देवांगन
सुबह का श्रृंगार:- मयंक अग्रवाल (रामअवतार ट्रेडर्स सक्ती)
शाम का श्रृंगार:- यशवंत देवांगन सक्ती
दीप प्रज्वलित:- श्रीमती संध्या वैष्णव, पुष्पा निर्मकर, एकल देवांगन, अंजू देवांगन एवं अन्य
प्रसाद:- याता यात थाना सक्ती, निखिल शर्मा *चश्मा घर सक्ती), पप्पू खर्रा गौ सेवक, अमित तम्बोली
सिंदुराभिषेक:- सावित्री यादव, रामगोपाल देवांगन, लीना विकास बरेठ, सपना मौर्या, अविनाश गबेल
शुन्दरकाण्ड:- प्रियंका विकास कौशिल, निधी राहुल, आदित्य अग्रवाल, सपना मौर्या, एकांश बरेठ, उमा मोहन
विशेष:- (1) ऋतू मीतू बरेठ के द्वारा बहुत खूबसूरत राम नाम लिखा हुआ कागज का माला हनुमान जी को किये अर्पित।
(2) एक हाथों से बनाया गया सनमाईका का घर एक सेवक भक्त को मंदिर परिवार के सदस्य कलाकार अमित तम्बोली के तरफ से दिया गया भेट। अगले मंगलवार को एक कलाकारी एक अलग भक्त को दिया जायेगा कही ओ आप तो नही।















