महाआरती

सक्ती: श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में 153वीं महाआरती संपन्न, पंडित किशोर वैष्णव रहे मुख्य अतिथि

सक्ती। नगर के प्रतिष्ठित श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ 153वीं महाआरती का आयोजन भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य अतिथि के रूप में सक्ती के आदरणीय पंडित श्री किशोर वैष्णव जी सपरिवार सम्मिलित हुए।

पुष्प वर्षा और जयकारों से भव्य स्वागत

कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान गेट पर मुख्य अतिथि के भव्य स्वागत के साथ हुआ। मंदिर समिति के सदस्यों ने पंडित किशोर प्रसाद वैष्णव जी पर पुष्प वर्षा की, चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और गगनभेदी जयकारों के साथ उन्हें मंदिर परिसर तक लेकर आए।

धार्मिक रस्में और दिव्य श्रृंगार

मंदिर पहुँचने पर पुजारी श्री ओमप्रकाश वैष्णव जी ने अतिथि को तिलक लगाकर और चुन्नी भेंट कर उनका आदर-सत्कार किया। इसी क्रम में, पुजारी जी की धर्मपत्नी श्रीमती संध्या वैष्णव ने अतिथि की पत्नी को तिलक लगाकर और मोती की माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान पुजारी जी द्वारा पट बंद कर हनुमान जी का अत्यंत मनमोहक और दिव्य श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे।

भक्तिमय सांस्कृतिक संध्या

मंच का सफल संचालन श्री कोडके मौर्य जी द्वारा किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा साझा की। आयोजन की शुरुआत प्रथम गणेश वंदना से हुई, जिसके पश्चात पंच दीपक से भगवान गणेश की आरती उतारी गई।

51 दीपों की महाआरती और सामूहिक पाठ

इस अवसर पर विशेष रूप से मातृ शक्ति द्वारा 51 दीपों की महाआरती प्रज्वलित की गई। पहली आरती मुख्य अतिथि पंडित किशोर प्रसाद वैष्णव जी द्वारा संपन्न की गई, जिसके बाद उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से आरती कर पुण्य लाभ लिया। आरती के पश्चात सभी भक्तों ने एक स्वर में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय ऊर्जा से भर गया।

आशीर्वचन और सम्मान

कार्यक्रम के अंतिम चरण में अतिथि पंडित जी को मंदिर के गर्भगृह में आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने हनुमान जी के चरणों में माथा टेका। मंदिर समिति की ओर से उन्हें श्री सिद्ध हनुमान जी का छाया चित्र स्मृति चिह्न के रूप में भेंट किया गया। पंडित जी ने अपने संक्षिप्त और सारगर्भित आशीर्वचन में भक्तों को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। अंत में भक्तों ने मुख्य अतिथि की जोड़ी के साथ सामूहिक चित्र खिंचवाकर इस स्मृति को संजोया।

विशेष नोट: मंदिर में नियमित रूप से होने वाले प्रसाद वितरण, दिव्य श्रृंगार, सिंदुराभिषेक, वस्त्र अर्पण और सुंदरकांड के आयोजन हेतु श्रद्धालु मंदिर के पुजारी जी से संपर्क कर सकते हैं।

सुबह का श्रृंगार:- गुप्त भक्त

शाम का श्रृंगार:- सजल शर्मा

दीपप्रज्वलन:- श्रीमती सन्ध्या वैष्णव, सुनीता तम्बोली, आँचल देवांगन, चमेली देवांगन, प्रेमलता जायसवाल, अंजू देवांगन, कविता देवांगन

प्रसाद:- अतिथि पंडित जी, याता यात थाना सक्ती, पप्पू खर्रा, अमित तम्बोली

सिंदुराभिषेक:- रामगोपाल देवांगन, सावित्री यादव, लीना विकास बरेठ

शुन्दरकाण्ड:- आदित्य अग्रवाल, गीतेश पाण्डेय, क्षमा शिवांश कसेर, अविनाश गबेल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *