महाआरती

सक्ती: श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में 156वीं महाआरती संपन्न, श्रद्धा और उल्लास का संगम

सक्ती। नगर के प्रतिष्ठित श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जहाँ 156वीं महाआरती भव्यता के साथ संपन्न हुई। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सक्ती नगरपालिका के सीएमओ, आदरणीय पंडित श्री प्रहलाद पाण्डेय जी सपरिवार उपस्थित रहे।

भव्य स्वागत और धार्मिक अनुष्ठान

कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान गेट पर आदरणीय पंडित जी के भव्य स्वागत से हुआ। मंदिर समिति के सदस्यों ने पुष्प वर्षा और जयकारों के बीच चरण स्पर्श कर उन्हें मंदिर परिसर तक लाया। इसके पश्चात:

स्वागत सत्कार: मंदिर के पुजारी श्री ओमप्रकाश वैष्णव ने अतिथि को तिलक लगाकर और चुन्नी भेंट कर उनका स्वागत किया। वहीं, पुजारी जी की धर्मपत्नी श्रीमती संध्या वैष्णव ने अतिथि की धर्मपत्नी को तिलक लगाकर और मोती की माला पहनाकर आत्मीय अभिनंदन किया।

दिव्य श्रृंगार: पुजारी जी द्वारा हनुमान जी का विशेष पट बंद कर अत्यंत मनमोहक और दिव्य श्रृंगार किया गया।

मंच संचालन: कार्यक्रम का कुशल संचालन कोडके मौर्य जी ने किया, जिन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और महाआरती के महत्व पर प्रकाश डाला।

भक्तिमय महाआरती और पाठ

धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत प्रथम गणेश वंदना और पंच दीपक से गणेश आरती के साथ हुई। इसके बाद:

51 दीपों की महाआरती: मातृ शक्ति के द्वारा 51 दीप प्रज्वलित कर महाआरती की गई।

प्रथम आरती: मुख्य अतिथि श्री प्रहलाद पाण्डेय जी ने प्रथम आरती संपन्न की, जिसके बाद बारी-बारी से सभी उपस्थित भक्तों ने महाआरती कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

चालीसा पाठ: आरती के पश्चात उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ किया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

विशेष क्षण और आशीर्वचन

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि को मंदिर के गर्भगृह में आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने हनुमान जी के चरणों में मत्था टेका। मंदिर समिति की ओर से उन्हें श्री सिद्ध हनुमान जी का छाया चित्र स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया गया।

इस अवसर पर पंडित श्री प्रहलाद पाण्डेय जी ने अपने संक्षिप्त और सारगर्भित आशीर्वचन में मंदिर की व्यवस्था और भक्ति भाव की सराहना की। कार्यक्रम के उपरांत सभी भक्तों ने अतिथि दंपति के साथ सामूहिक छायाचित्र खिंचवाए।

सालगिरह का दोहरा उत्सव

आज का दिन मंदिर परिवार के लिए और भी खास रहा। मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश वैष्णव और संध्या वैष्णव की शादी की सालगिरह के अवसर पर पांच पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दंपति ने एक-दूसरे को माला पहनाई। इसी क्रम में, ज्योति संग दुलेश्वरी गबेल हनुमान जी के भक्त जोड़े की भी शादी की सालगिरह हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।

सूचना: मंदिर में प्रसाद, श्रृंगार, सिंदुराभिषेक, वस्त्र अर्पण और सुंदरकांड के आयोजन हेतु भक्तगण मंदिर के पुजारी जी से संपर्क कर सकते हैं।

सुबह का श्रृंगार:- सुधीर अग्रवाल

शाम का श्रृंगार:- निर्मला देवी रजक

दीप प्रज्वलित:- संध्या वैष्णव, सुनीता तम्बोली, एकल देवांगन, पुष्पा निर्मलकर, आँचल देवांगन, दुलेश्वरी गबेल, अंजू देवांगन

प्रसाद:- अतिथि प्रहलाद पाण्डेय, याता यात थाना सक्ती, पप्पू खर्रा, ज्योति दुलेश्वरी गबेल, ब्रजेश शर्मा एवं अमित तम्बोली

सिंदुराभिषेक:- सावित्री यादव, रामगोपाल देवांगन, लीना विकास बरेठ, सपना मौर्य

शुन्दरकाण्ड पाठ:- प्रियंका विकास कौशिल, निधी राहुल, आदित्य अग्रवाल, गीतेश कुमार पाण्डेय, एकांश बरेठ, सपना मौर्य

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