महाआरती

श्री सिद्ध हनुमान मंदिर सक्ती में 141वीं महाआरती संपन्न: भक्ति और उत्साह का दिखा संगम

सक्ती। नगर के हृदय स्थल हनुमान गेट के समीप, दो प्राचीन पीपल वृक्षों के मध्य विराजमान श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। अवसर था मंगलवार की साप्ताहिक महाआरती का, जो इस बार अपनी 141वीं कड़ी में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

महाआरती एवं मुख्य अनुष्ठान

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य यजमान यज्ञाचार्य पंडित हजारी लाल जी (राधापुर) के सानिध्य में हुआ। पंडित हर प्रसाद तिवारी ‘व्यांग’ के विशेष आमंत्रण पर पधारे मुख्य यजमान का मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश वैष्णव जी ने तिलक लगाकर और चुन्नी भेंट कर भव्य स्वागत किया। इसके प्रत्युत्तर में मुख्य यजमान ने श्रीफल, फल एवं दक्षिणा अर्पित कर हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

आरती की शुरुआत मातृ शक्ति संध्या वैष्णव, सुनीता तम्बोली, पुष्पा निर्मलकर और आँचल देवांगन द्वारा पंच दीपक गणेश आरती प्रज्वलित कर की गई। इसके पश्चात 51 दीपों से सजी भव्य महाआरती की लौ से पूरा मंदिर परिसर जगमगा उठा।

भक्तिमय आयोजन और सम्मान

सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। आरती के उपरांत अन्य अतिथियों का तिलक लगाकर और मोती की माला पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्य यजमान को स्मृति स्वरूप श्री हनुमान जी की छाया छवि (तस्वीर) भेंट की गई।

इनकी रही सक्रिय सहभागिता (व्यवस्था टोलियाँ):

कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न करने में नगर के विभिन्न सेवाभावी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा:

संचालन: कोंडके मौर्य

यजमान अगवानी: चित्रंजय पटेल (अधिवक्ता)

प्रसाद व्यवस्था: महेन्द्र गबेल (आज विशेष रूप से पोंगली/नड्डा का प्रसाद वितरित किया गया)

दीप सज्जा: रिंकू निर्मलकर

यातायात प्रबंधन: पप्पू एवं पप्पू खर्रा

तकनीकी एवं सोशल मीडिया: गौरव यादव एवं योगेश देवांगन (YouTube), सोनू देवांगन (साउंड सिस्टम)

फोटोग्राफी: अमित तम्बोली

सहयोग: सुरेश देवांगन (विशाल घंटा वादन)

सेल्फी जोन का आकर्षण

आरती के पश्चात मंदिर परिसर में बनाए गए विशेष सेल्फी जोन में भक्तों का तांता लगा रहा। महिला एवं पुरुष सदस्यों ने मुख्य यजमान के साथ फोटो खिंचवाकर इस यादगार शाम को अपने कैमरों में कैद किया।

प्रत्येक मंगलवार की भाँति इस मंगलवार को भी श्री सिद्ध हनुमान जी का भव्य श्रृंगार किया गया।
जिसमें प्रातःकालीन श्रृंगार – श्री सहस अग्रवाल के सौजन्य से तथा
सायंकालीन श्रृंगार – श्री पी. श्रीनिवास राव एवं श्रीमती पी. सावित्री राव के सौजन्य से संपन्न हुआ।
सुंदरकांड पाठ – श्री लम्बोदर पटेल, श्री राजेश कुमार गवेल, श्रीमती नेहा प्रमोद गवेल, एकांश बरेठ, श्री गितेश कुमार पांडेय, श्री अमन डालमिया एवं श्रीमती सीमा दिलक राम चौहान के सौजन्य से कराया गया।
सिंदूरा अभिषेक – श्रीमती सावित्री यादव, श्री राम गोपाल देवांगन एवं श्री लम्बोदर पटेल के सौजन्य से संपन्न हुआ।

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