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श्री सिद्ध हनुमान मंदिर थाना परिसर हनुमान गेट में आज 30-01-2024 को 37वाँ महाआरती

आप सभी महाआरती में शामिल होकर हनुमान जी के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण करे एवं सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आनंद लेवे आज के मुख्य अतिथी पंडित शैलकुमार पाण्डेय जी सक्ति वाले है।
आइये महराज जी के जीवन के सफर के बारे में जाने
शिक्षक का सफर नामा
शैलकुमार पाण्डेय,प्रधान पाठक,शा आदि बा आश्रम मसनियाखुर्द ने अपने शाला  में अनुपयोगी घरेलू सामग्री से TLM सह खिलौना निर्माण के साथ नवाचारी शाला की विशेष पहचान बना कर  “हमर विज्ञान के नागर ” एवं “हमर विज्ञान के आँगना” के साथ भौतिक संसाधन को बढ़ाने के लिये जनसमुदाय से अनेकों सामग्री अर्जित कर आदिवासी बच्चों में वैज्ञानिक सोच पैदा करके अच्छे इंसान बनाने की प्रेरणा जागृत किये।आज उनके छात्र राज्य के विभिन्न विभागों में सेवा दे रहे है। इनकी हस्त पुस्तिका के 5 प्रयोग scert ने पाठ्य पुस्तक शिक्षकों के विज्ञान शिक्षण में शामिल किया गया है।
समग्र शिक्षा के द्वारा विशेष कार्य
समग्र शिक्षा के अंतर्गत आने वाले दस बिंदुओं में जिला नोडल अधिकारी पर कार्य करके अपनी शाला में ब्लॉक में जिला में  खिलौना निर्माण एवं कबाड़ से जुगाड़  थीम पर TLM निर्माण कर छात्रों एवं शिक्षकों के शैक्षणिक स्तर सुधार पर विशेष कार्य करवाया आज बच्चे खेल खेल कर शिक्षा ग्रहण कर रहे है। दो वर्ष कोरोना के कारण बच्चों से दूर रहने पर प्राथमिक स्तर में  ग्रामों के छोटे बच्चों से नही जुड़ पाए वैसे बच्चे  को पुनः स्तर में लाना बहुत कठिन था लेकिन समग्र  शिक्षा की छोटी छोटी गतिविधियो से यह सम्भव हो पाया।
जैसे – खिलौना निर्माण,
कबाड़ से जुगाड़,
सौ दिन सौ कहानी
समूह शिक्षण (ग्रुप शिक्षण)
बाल केबिनेट (बाल सदन)
पठन कौशल अभियान
सम्पूर्ण स्वछता अभियान
नियमित योगा
सक्रिय शाला प्रबंधन समिति
किचन गार्डन
मध्यान्ह भोजन
को अपने शाला में संचालन करके  एक प्रधान पाठक शिक्षकों की संख्या 0 पर कार्य करके  मात्र दो वर्ष में शाला में खिलौना घर  ,सौ दिन सौ कहानी घर, बाल केबिनेट, किचन गार्डन,प्रिंट रिच से पढ़ाई,सक्रिय PLC,सामुदायिक सहभागिता से मां सरस्वती की प्रतिमा, वाटर फ्रीजर, कम्पूयटर सेट हमर विज्ञान के आंगन के लिये न्यूटन वलय का मॉडल लेकर प्रयास जारी है ।मात्र 6 माह में पथरीले परिवेश में फूल खिला कर आश्रम को राज्य स्तर के लायक बनाने में सफल रहा ।  आशा विश्वास है कि इतने कम समय कोरोना काल मे इतना कार्य करके शैक्षणिक स्तर को अकेले रहकर  बनाना  शायद ही राज्य में कोई और शाला होगा। विभिन्न अधिकारियों की निरीक्षण टिप जिसमे SDM( IAS) ,संचालक रायपुर TWD, अतिरिक्त संचालक रायपुर TWD एवं माननीय कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना (IAS) व माननीय SDM  श्रीमती रैना जैमिल (IAS)की निरीक्षण एवं उनकी उत्साहवर्धन टिप प्रयासो को सफल बना रही है।

नवाचार -हमर विज्ञान के आँगन पूरे राज्य में अलग होगा ।जिनका संरक्षक स्वयं कलेक्टर महोदया श्री नूपुर राशि पन्ना जी है।
थीम – जिस प्रकार मां की आँगन से बच्चा खेल खेल से सिख कर बहुत सारी शब्द भंडार लेकर स्कूल आता है ,महारानी लक्ष्मी बाई बचपन मे आँगन में तलवार चलाना सिख कर वीरांगना बनी ,राम जी,श्री कृष्ण जी,मां यशोदा के साथ आँगन में शिक्षा खेल खेल कर ग्रहण किये ही वैसे ही  आश्रम के बच्चे हमर विज्ञान के आँगन से विज्ञान सिख कर वैज्ञानिक बनेंगे।
आश्रम अमलडीहा में जहाँ 28 साल रह कर हमर नागर बनाया था जिसमे काफी सफलता मिली जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री जी अपने फेस बुक में स्थान दिए राज्य के 15 IAS अफसरों के समक्ष अपने कार्यो को  प्रस्तुत कर चुके है।जिसमे माननीय  मुख्य सचिव विवेक ढांड जी प्रमुख है।
समग्र शिक्षा  की गतिविधियों से आश्रम सफल हो रहा है।
मोहल्ला क्लास, ऑनलाइन क्लास में TLM का प्रयोग से पढ़ाई से बच्चे जुड़े रहे 2020 को कोरोना के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रम आन लाइन किये।
विशेष कार्य
1 समग्र शिक्षा द्वारा निर्मित खिलौना बुक में
भी स्थान ।
2 SCERT द्वारा डी एल एड द्वितीय वर्ष की पुस्तक में पांच प्रयोग शामिल किया।
3 निर्माणाधीन स्वयं का खिलौना बुक
              उपलब्धियां 
1 पर्यावरण चेतना –शाला प्रबंधन समिति शिक्षकों एवं छात्रों के द्वारा शाला में नवाचार करते हुए 2008 से नियमित नव प्रवेशी छात्रों से वृक्षारोपण कर सुरक्षा प्रदान करना आज आश्रम में 200 से भी ज्यादा पेड़ पौधे सुशोभित हैं ।
2 जन सहभागिता– शाला प्रबंधन समिति ग्रामीणों एवं शिक्षकों के प्रयास से ग्रामवासी आम जनता को शाला के प्रति जोड़ना विभाग के आदेश अनुसार अनुसार जन सहभागिता से लगभग 35 व्यक्ति शिक्षक प्रबंधन समिति एवं जागरूक ग्रामीणों से मिले अनुदान के माध्यम से शाला के भौतिक संसाधनों में वृद्धि किया आज आश्रम में फ्रीज  ,पंखा, माइक सेट ,चांदनी ,पर्दा ,कारपेट ,विज्ञान सामग्री घड़ी माइक स्टैंड स्टैंड ट्री गार्ड ,ईट ,बालू आश्रम के लिए उपलब्ध करवाया ।
3  छात्रों के लिए — गरीब प्रतिभावान बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था फर्म ज्वेलर्स श्री बनवारी लाल लाल प्रेमचंद शक्ति के द्वारा आश्रम के 2 छात्र बृजलाल एवं ओम प्रकाश को  2000 –2000 का अनुदान 14 -15 व 15 -16 में प्रदान करवाया ।
4 विभाग के लिए कार्य — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
द्वारा आयोजित विज्ञान प्रशिक्षण लो कास्ट नो कास्ट कास्ट में प्रशिक्षण प्राप्त कर विज्ञान सहायक सामग्री निर्माण के साथ पूरे राज्य में प्रशिक्षण के लिए तैयार किया गया इस कार्य को ईमानदारी से करना आज विकासखंड, जिला ,राज्य के शिक्षक शिक्षिकाएं द्वारा हमारे द्वारा बनाए गए शिक्षण सामग्री का प्रयोग कर रहे हैं आश्रम शाला में अभी 250 से ऊपर स्वनिर्मित शिक्षण सामग्री उपलब्ध है 2018 -19 में छात्रों द्वारा 150 शिक्षण सामग्री बनाकर स्वयं का लैब बना लिए शायद छत्तीसगढ़ के अन्य शालाओ में ऐसा किया हो। 
5 समाज के लिए कार्य — सामाजिक कार्यों में भी विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से सहभागिता निभा कर शिक्षा से जनसमुदाय को जोड़ना आदिवासी समाज खैरा द्वारा चक्रधर सिंह पोर्रे संगीत समारोह व सतनाम मेला डोंड्की शक्ति में विज्ञान प्रदर्शनी कर 400 से भी अधिक बच्चों पालको को व ग्रामीणों को विज्ञान के प्रति जागरूक किया विभाग की महत्ता के लिए 2009 से आज 2019- 1920 तक एग्रीटेक कृषि मेला ,राज्य उत्सव, गणतंत्र दिवस के पंडाल में विज्ञान प्रदर्शनी झांकी का आयोजन कर लगभग 25000 छात्रों पालकों ,आम नागरिकों को विज्ञान प्रचार-प्रसार से जोड़ा जा चुका है ।

6/ 2014 क्रियात्मक अनुसंधान में राज्य स्तर  में प्रस्तुतीकरण हेतु  चयन  होना एवं सफल प्रदर्शन करना।

‌7  संस्था के लिए कार्य — आदिवासी बालक आश्रम अमलडीहा में आज अधीक्षक, शिक्षक, छात्र एवं संस्था सम्मानित हो चुके हैं।
‌8  शासन के अभियान के लिए — स्वच्छता अभियान कार्यों से आज छात्र शिक्षक शाला परिवेश  को स्वच्छ साफ सुंदर घर जैसा माहौल बनाकर सीख रहे हैं।
‌9  विभाग के नियमानुसार — प्रत्येक शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी कार्यशाला संस्था में आयोजित की जाती थी।
‌ 10  विज्ञान विषय के लिए — सन 2012 से प्रतिवर्ष शाला स्तर स्तर शाला स्तर स्तर पर विज्ञान मेला आयोजित किया जाता है। 11 राज्य शैक्षिक अनुसंधान के लिए — क्रियात्मक अनुसंधान के अनुरूप गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है । बच्चे इसमें रुचि के साथ सहभागिता निभा रहे हैं हैं।  पूर्व 2013 में क्रियात्मक अनुसंधान मे राज्य स्तर में प्रदर्शन किया जा चुका है।
‌12  जिला के सम्मान के लिए — जिले के विकास देखने आए माननीय पूर्व सचिव विवेक ढाढ़ जी को प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर में बच्चों को विज्ञान शिक्षण पूरे जिले में कैसे सिखाया जा रहा है मेरे द्वारा विज्ञान प्रदर्शनी कोटमीसुनार में लगाया गया लगाया गया इसे अवलोकन करने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव माननीय विवेक ढाढ़ जी ,आईएएस जिलाधीश माननीय ओपी चौधरी जी आईएएस ,माननीय श्री जयवर्धन जी माननीय जी एसडीएम जांजगीर ,माननीय श्री शिव अनंत तायल जी के समक्ष प्रदर्शन किया गया ।
‌13 विभाग के लिए — जिला राज्य के शिक्षकों के लिए पाठ्यक्रम के अनुसार सरल सहज सस्ते खर्चों में शिक्षण अधिगम सामग्री का निर्माण की कला पूरे राज्य में जिला में विकासखंड में स्कूल में सिखाया आज पूरे राज्य  में नए रूप कबाड़ से जुगाड़ के अंतर्गत पूरे राज्य में संचालित हो रही है।

सम्मान 
महामहिम राज्यपाल से 2015-16 में सम्मान के साथ अन्य राष्ट्रीय,राज्य एवं जिला,  समाज से  सम्मान वर्ष अनुसार निम्न है।1/1997– सीखना सिखाना पैकेज के अंतर्गत राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद माध्यमिक शिक्षा मंडल परिसर भोपाल के द्वारा प्रशस्ति पत्र प्राप्त करना।
2/ 2012– में राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षक कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त करने का
3/ सन 2012– में राज्य शैक्षिक अनुसंधान केंद्र द्वारा विज्ञान में उच्च प्राथमिक शाला के लिए स्रोत सदस्य का चयन होना।
4/2012– राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षक कार्यशाला में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए सचिव से प्रशस्ती पत्र प्राप्त करना।
5/2012-13– छात्रावास दिवस समारोह जिला जांजगीर में विज्ञान प्रदर्शनी में कलेक्टर श्री आरपीएस त्यागी आईएएस से प्रशस्ति प्रशस्ति पत्र प्राप्त करना।
6/2013 –गणतंत्र दिवस समारोह 2013 शक्ति में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शक्ति श्री कार्तिकेय गोयल द्वारा प्रशस्ति पत्र प्राप्त करना।
7/2013 –राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत संचालित सेवाकालीन प्रशिक्षण में अतिथि शिक्षक के रूप में अवसर प्राप्त कर कर जिले के व्याख्याता- व्याख्याता पंचायत को प्रशिक्षण प्रदान करना।
8/2014 — युवा शक्ति संगठन समिति ग्राम अमलडीहा से प्रशस्ति पत्र प्राप्त करना।
9/ 2014 –शिक्षा महाविद्यालय शंकर नगर रायपुर में 100 व्याख्याताओं को शिक्षण अधिगम सामग्री सिखाने हेतु अवसर प्राप्त होना।
10/2014– क्रियात्मक अनुसंधान में राज्य स्तर  में प्रस्तुतीकरण हेतु  चयन  होना एवं सफल प्रदर्शन करना।
11/2014 –राष्ट्रीय मंगल ग्रह महोत्सव नागपुर में नागपुर इसरो के वैज्ञानिक डॉ जोशी को मंगलयान का शैक्षणिक किट प्रदान करने के लिए चयन होना।
12/2014 –राज्य माध्यमिक शिक्षा मिशन जिला कोरबा छत्तीसगढ़ संभाग स्तरीय विज्ञान मेला में स्रोत व्यक्ति के रूप में सहभागिता।
13/2014 –गणतंत्र दिवस समारोह  जिला जांजगीर चांपा में अध्यापन पद्धती में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिलाधीश महोदय से प्रशस्ति  पत्र प्राप्त करना।
14/2014– 2015 –राज्य स्तरीय सेमिनार 
2014-15 विद्यालयों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास कैसे करें मैं सहभागिता कर डाइट से प्रशस्ति पत्र प्राप्त करना।
15/2015 –राज्य स्तरीय विज्ञान कार्यशाला विज्ञान दुर्ग द्वारा प्रकृति से विज्ञान कार्यशाला विज्ञान एवं प्रसार विभाग नोएडा द्वारा आयोजित कार्यशाला से प्रशिक्षण हेतु चयनित होना प्रशिक्षण में प्रदर्शन करते हुए प्रथम होना।
16/2015 –राज्य स्तरीय विज्ञान कार्यशाला जगदलपुर बस्तर में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर प्रदान होना एवं स्वयं की सामग्री का प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त होना।
17/2015 –राज्य स्तरीय सेमिनार 
2015-16 शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि कैसे सुनिश्चित करें वह सहभागिता।
18/2015– पद्मश्री धर्मपाल सैनी माता रुक्मणी सेवा संस्थान विनोवा ग्राम डिमरापाल जगदलपुर जिला बस्तर के आश्रम मे 350 छात्र छात्राओं को विज्ञान प्रदर्शन करना एवं प्रशस्ति पत्र प्राप्त करना।
19/2015– दैनिक पत्रिका के द्वारा आयोजित गर्व सम्मान समारोह विशिष्ट योगदान के लिए शिक्षा सेवा श्रेणी के पुरस्कार से सम्मानित होना।
20/2015 –महाराजा चक्रधर सिंह पोर्रे संगीत समारोह एवं कबड्डी खेल प्रतियोगिता में विज्ञान प्रदर्शनी पर प्रशस्ति पत्र प्राप्त करना।
21/2015– जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 2015 में जैजैपुर विधायक श्री केशव चंद्र जी के द्वारा प्रशस्ति पत्र प्राप्त करना।
22/2015– सांस्कृतिक विकास मंच शक्ति के द्वारा काव्य कला बीच  सम्मान 2015 प्राप्त करना।
23/2015– छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ शैक्षणिक जिला शक्ति के द्वारा के द्वारा के द्वारा आयोजित जिला स्तरीय सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह  में प्रशस्ति पत्र प्राप्त करना।
24/2015-16 –राष्ट्रीय शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार महामहिम श्री बलराम जी दास टंडन के हाथों सम्मानित होना।
25/2016– भारतीय दलित साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा आयोजित संविधान दिवस पर महात्मा ज्योतिबा फुले समता अवार्ड से सम्मानित होना।
26/2016– तीन दिवसीय सतनाम मेला  मैं विज्ञान प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त होना एवं छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सचिव से प्रशस्ति पत्र प्राप्त करना।
27/2016– शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगरदा में कक्षा 9वीं 10वीं 11वीं 12वीं के छात्रों को शिक्षण अधिगम सामग्री बनाने की कला सिखाना एवं तत्कालीन कलेक्टर डॉ भारतीय दासन एवं विधायक से प्रशस्ति पत्र प्राप्त करना
28  2016– मारवाड़ी युवा मंच सक्ती के द्वारा सम्मान प्राप्त करना 
29/2017– जिला परियोजना कार्यालय राजीव गांधी शिक्षा मिशन रायपुर राज्य स्तरीय कार्यशाला विज्ञान शिक्षण में तकनीकी एवं कबाड़ से जुगाड़ विषय पर आधारित वीडियो रिकॉर्डिंग में पांच वीडियो का चयन होना।
30/2017– राज्य माध्यमिक शिक्षा मिशन छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा में नवाचार एवं उत्कृष्ट पद्धतियां पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में स्रोत व्यक्ति के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करना।
31/2017 –जिला स्तरीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह भगवान परशुराम ब्राह्मण विकास समिति द्वारा ब्राम्हण कुल रत्न  पत्रक प्राप्त करना
32/2017– छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ,पूर्व मुख्य सचिव, पूर्व विशेष सचिव जिलाधीश श्री भारतीय दासन जी द्वारा ग्राम सुराज 2017  में मेरे लैब में प्रयोग कराने का सौभाग्य प्राप्त करना। मेरे द्वारा बनाया गया प्रोजेक्ट फ़ाइल हमर विज्ञान के नागर को भेंट करना और शुभकामनाएं प्राप्त करना।
33/ 2017– छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न आईएएस अफसरों श्री विवेक ढांढ जी श्री सुबोध कुमार सिंह जी श्री आर प्रसन्ना जी श्री भारतीय दासन जी श्री ओपी चौधरी जी श्री शिव अनंत तायल जी श्री जयवर्धन जी श्री टीकरिहा जी श्री पी अंबलगन जी कोरबा कलेक्टर रीना बाबा कंगाले जी श्रीमती चंद्रकांता धुर्वे जी के समक्ष विज्ञान प्रदर्शन का अवसर प्राप्त करना।
34/ 2017– राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान जांजगीर चांपा तीन दिवसीय अनु प्रयोगात्मक विज्ञान मेला में सहभागिता।
35/2019—अक्षय शिक्षण समिति रायगढ़ छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय अक्षय अलंकरण 2019 में अक्षर शिक्षा प्रबोधक से अलंकृत होना।
36 / 2019– जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह हीरापुर ,चंद्रपुर  से प्रशस्ति पत्र प्राप्त करना ।
37/ 2020 –जिला स्तरीय कबाड़ से जुगाड़ विज्ञानं गणित टी एल एम प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करना 
38 /2021  -राज्य स्तरीय ऑनलाइन  हेतु सम्मान पत्र
39/2021 -राज्य स्तर में खिलौना वाले गुरुजी का सम्मान
40/2021- राष्ट्रीय स्तर में गुरु गौरव सम्मान
41/2021- जिला स्तर में उत्कृष्ट शिक्षक,उत्कृष्ट प्रशिक्षक,उत्कृष्ट नवाचारी शिक्षक,उत्कृष्ट खिलौना वाले  शिक्षक,
42/2021 कोरोना वारियर्स संम्मान शिक्षक संघ द्वारा
43/2021 राष्ट्रीय स्तर – कोरोना वारियर्स सम्मान ,दादा फाल्के सम्मान,फ़िल्म फॉउंडेशन द्वारा
44/2021 राष्ट्रीय स्तर- राष्ट्रपति अवार्ड के लिये चयनित 152 राष्ट्रीय शिक्षको में  चयनित एवं सम्मानित।
45/2022 राष्ट्रीय स्तर-उत्कृष्ट विज्ञान संचारक सम्मान , विज्ञान प्रसार भारत सरकार एवंअपूर्व विज्ञान मेला नागपुर से
46/2022 नवीन जिला सक्ति के गठन पर समग्र शिक्षा की विशेष झांकी
47/2022 नवीन जिला सक्ति में राज्य स्थापना दिवस पर विभाग के पंडाल में शिक्षा ज्योति की विशेष प्रस्तुति
48/2023 नवीन जिला सक्ति के प्रथम गणतंत्र दिवस पर शिक्षा विभाग को  झांकी में प्रथम स्थान
49/2023 एकता पत्रकार मंच सक्ति द्वारा विज्ञान प्रदर्शनी पर सम्मानित
नवाचार शाला में निम्न नवाचार करके बच्चों के शैक्षिक गुणवत्ता वृद्धि  करने का प्रयास किया गया और आज भी जारी है।
1 * बच्चों में शैक्षिक गुणवत्ता की अभिव्यक्ति जागृत करना-
1 प्रतिदिन प्रार्थना के समय सभी बच्चों में अभिव्यक्ति जागृत करने के लिए बच्चों के ही द्वारा सभी से सुविचार आमंत्रित कर बोलवाना।
2 प्रार्थना के समय बच्चों को हिंदी के पाठ का पठन करवाना।
3 प्रतिदिन बच्चों को गणित के क्षेत्र के लिए पहाड़ा याद कराके सुनना।
4 प्रतिदिन बच्चों को न्यूज़पेपर की मुख्य समाचार को सुनाने के लिये प्रेरित करना।
परिणाम – इस नवाचार के माध्यम से सभी बच्चों ने पाठ्यपुस्तक पढ़ना सीख गया एवं सभी बच्चों ने 10 से लेकर 25 तक की पहाड़ा याद कर ली एवं छात्रों में बोलने की क्षमता में विकास हुआ यह प्रयास अभी जारी है सभी बच्चों ने प्रतिदिन सुविचार बोलना भी सीख गए।
2 * आदिवासी बच्चो में बैज्ञानिक अभिरुचि जागृत करना — विद्द्यालयो में गरीब छात्रों को जो अभाव रहता हैं और माध्यमिक स्तर में लैब की कमी को दूर करने के लिए स्व निर्मित शिक्षण सामग्री का निर्माण (लगभग -350 स्वयं व बच्चो द्वारा  250 ) बना करके बच्चों मे विज्ञान बिषय के प्रति अभिरुचि जागृत करके विज्ञान को सरल, सहज ,सुलभ बनाना शायद ही छत्तीसगढ़ के कोई अन्य शालाओ में ऐसा किया गया हो । बच्चों  की मानसिकता कि विज्ञान कठिन किलष्ट होती है, को दूर करके ,विज्ञान को नवीन न समझ कर, दैनिक जीवन की गतिविधि समझना और घरेलू सामग्री के उपयोग से सरल व सहज बना कर वैज्ञानिक बनने की प्रेरणा जागृत करने का  2008 से नियमित प्रयास करके आज सफलता के शिखर  के करीब पहुचने का प्रयास सतत जारी है। डाइट जांजगीर के व्याख्याता श्री पद्दयुमन शर्मा श्री गोपेश साहू  ,प्राचार्य डाइट के निर्देशन श्री सुरेश अग्रवाल ,नागपुर ,श्री धनंजय रावल अहमदाबाद की प्रेरणा व राज्य शैक्षिक अनुसंधान रायपुर के  कार्यक्रम  को सतत कार्य करके  शाला को राज्य में अलग पहचान बनाने का प्रयास सतत जारी है। शिक्षण सामग्री की स्व निर्माण करते हुए अपार संग्रह करके स्व लैब बनाकर अध्धयन कराया जाता है ।शायद ही राज्य के अन्य शालाओ में इतनी शिक्षण सामग्री निर्मित होगी । आज हमारे स्कूल का प्रयोग राज्य स्तर पर सभी नवाचारी शिक्षक लागू कर रहे है।
आश्रम का प्रयोग का अवलोकलन जिले के शिक्षाविद डाइट के व्याख्याता   ,प्राचार्य डाइट ,जिला शिक्षा अधिकारी,विकास खंड शिक्षा अधिकारी अन्य जिलों  व राज्य के शिक्षक एवम व्याख्याता गण राज्य शैक्षिक अनुसंधान रायपुर,राष्ट्रीय शिक्षा मिशन रायपुर के माध्यम से पूरे राज्य  में अनुकरण किया जा रहा है।आश्रम के स्व निर्मित लैब का अवलोकन छ गढ़ के माननीय मुख्यमंत्री को (अपारदर्शी से पारदर्शी बनाने की विधि),माननीय मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड जी IAS को (न्यूटन वलय),सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह जी IAS को(हेंड पंप का सिद्धांत), श्री आर प्रसन्ना जी IAS, श्री आर पी मण्डल जी IAS ,जिले के आई एस ए अधिकारी  श्री एस भारती दासन जी IAS,श्री ओ पी चौधरी जी IAS को(बल का विभाजन),श्री शिवं अनंत तायल जी IASको(जनरेटर,वायु दाब,गणित शिक्षण) के अलावा आश्रम की गतिविधि को राज्य के अन्य प्रशासनिक अधिकारी के साथ शिक्षा विदो ने भी अवलोकन किया है और राज्य के शिक्षण में शामिल किया है।
इनके अलावा अन्य कार्य
1  पर्यावरण संचेतना कर शाला को मनमोहक,आनन्दमयी बनाना ।
2  जनसहभागिता से संशाधन बढ़ाना ,समाज के लोगो को शाला से जोड़ना ।
3  गरीब बच्चों के लिए स्कालर शिप योजना ।
4  गतिविधि आधारित शिक्षण देना ।
5  खेल खेल में शिक्षा देना ।
6  छात्रों में रटने की परंपरा को शिथिल कर करके सीखना ।
7  रेडियो की पढ़ाई को अनुदान से विशेष बनाना ।
8  शाला विकास समिति को विश्वास में लेकर कार्य करवाना ।
9  शाला को आनंदमयी व बच्चो के अनुरूप बनाना ।
10  बच्चो को शिक्षक के समान शिक्षण सामग्री बनाने के लिये तैयार करना ।
11  बच्चो में अभिव्यक्ति जागृत करना ।
12  हिंदी ,गणित,सा विज्ञान का TLM तैयार करवाना ।
13  बनाने की कला  शाला के अतिरिक्त अन्य विद्दालय ब्लॉक जिले राज्य में सिखाया।
       इस कार्य के फलस्वरूप  आज बच्चो में बैज्ञानिक अभिरुचि के साथ विज्ञान विषय व शाला के प्रति लगाव बढ़ा ।इस कार्य के फलस्वरूप  आज बच्चो में बैज्ञानिक अभिरुचि के साथ विज्ञान विषय व शाला के प्रति लगाव बढ़ा ।
राज्यपाल पुरस्कार के साथ 2021 के  राष्ट्रपति पुरस्कार के लिये राज्य से चयनित, भारत के प्रतिष्टित 152 शिक्षको में शामिल किया गया।
शैलकुमार पाण्डेय,प्रधान पाठक
महामहिम राज्यपाल से पुरस्कृत
राष्ट्रीय विज्ञान कार्यशाला से प्रशिक्षित
शा. आदि.बालक आश्रम मसनियाखुर्द
ब्लॉक-सक्ति,जिला-शै.जिला सक्ति
मो न  8982926067

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